गैस सिलेंडर महंगे हो गए हैं. दाम करीब डेढ़ सौ रुपए तक बढ़ गए हैं. छह महीने में छठी बार सिलेंडर के दाम बढ़े हैं. बढ़े हुए रेट्स के बाद नेशनल कैपिटल दिल्ली में 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर अब 858.5 रुपए का मिलेगा, यानी पहले से 144.5 रुपए महंगा. नए रेट देश भर में बुधवार से ही लागू हो गए हैं.


सिलेंडर का दाम बढ़ने का ज्यादा बोझ गैर-सब्सिडी वाला सिलेंडर लेने वाले लोगों पर पड़ेगा. वजह- सरकार ने सिलेंडर का दाम बढ़ने के साथ-साथ सब्सिडी भी बढ़ा दी है. सब्सिडी 153.86 रुपए से बढ़ाकर 291.48 रुपए कर दी गई है. यानी जो लोग सब्सिडी वाला सिलेंडर लेते हैं, उन पर खास फर्क नहीं पड़ने वाला है.

जानिए कि बड़े-बड़े शहरों में सिलेंडर के दाम कितने महंगे हुए हैं.

मुंबई – 145 रुपए

कोलकाता – 149 रुपए

चेन्नई – 147 रुपए

इससे पहले सिलेंडर के दाम में आखिरी बदलाव एक जनवरी को हुआ था. तब 19 रुपए बढ़े थे. यानी इस साल के अभी डेढ़ महीने भी नहीं बीते हैं और सिलेंडर करीब-करीब 200 रुपए महंगा हो चुका है.

पांच साल का सबसे बड़ा इजाफा

ये पिछले पांच साल में सिलेंडर के दाम में हुआ सबसे बड़ा इजाफा है. इससे पहले जनवरी 2014 में दाम एक झटके में 220 रुपए बढ़ा दिए गए थे.
एक फरवरी को बदले थे 19 किलो वाले सिलिंडर के दाम

वहीं एक फरवरी को 19 किलो वाले सिलिंडर के दाम में बदलाव हुआ था। दिल्ली में इसका दाम 1,466 रुपये है, कोलकाता में 1,540 रुपये, मुंबई में 1,416 रुपये और चेन्नई में 1,589.50 रुपये।

सरकार देती है गैस सिलिंडर पर सब्सिडी

मौजूदा समय में सरकार एक वर्ष में प्रत्येक घर के लिए 14.2 किलोग्राम के 12 सिलिंडरों पर सब्सिडी प्रदान करती है। अगर ग्राहक इससे ज्यादा सिलिंडर लेना चाहते है, तो वे उन्हें बाजार मूल्य पर खरीदते हैं। गैस सिलिंडर की कीमत हर महीने बदलती है। इसकी कीमत औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनिमय दरों में बदलाव जैसे कारक निर्धारित करते हैं।

सिलेंडर के दाम ऊपर-नीचे कैसे होते हैं?

सिलेंडर के दाम दो चीजों पर डिपेंड करते हैं. पहला- एलपीजी का इंटरनेशनल रेट. दूसरा- डॉलर और रुपए का एक्सचेंज रेट. जब-जब इसमें बदलाव होता है, भारत में एलपीजी के दाम भी ऊपर-नीचे होते हैं. अभी भी एलपीजी का इंटरनेशनल रेट बदलने की वजह से ही सिलेंडर के दाम बदले हैं.

एक तारीख को बदलते हैं दाम, फिर इस बार 12 को क्यों?

एलपीजी का इंटरनेशनल रेट हर महीने की पहली तारीख को रिवाइज़ होता है. इसलिए सिलेंडर के दामों में बदलाव भी अक्सर महीने की पहली तारीख को ही होता है. फिर इस बार 12 तारीख को बदलाव कैसे?

दरअसल इस बार दाम में 10-20-50 रुपए का नहीं, बल्कि लंबा इजाफा किया जाना था. इसे कैसे लागू किया जाए, कितना बढ़ाया जाए..इन सबका अप्रूवल लेने में ही समय लग गया और नया रेट 12 तारीख को आ पाया. इस बीच दिल्ली चुनाव भी थे. मुमकिन है कि दाम बढ़ाने के समय पर चुनाव का भी कुछ असर पड़ा हो.