इस वीडियो को जामिया लाइब्रेरी के ओल्ड रीडिंग बिल्डिंग का बताया जा रहा है. जामिया के छात्रों और अल्युमनाई का एक संगठन है, जामिया को-ऑर्डिनेशन कमिटी. JCC ने ट्विटर पर 45 सेकेंड का सीसीटीवी फुटेज जारी किया है. ये फुटेज बहुत ही डरावना है. इसमें साफ-साफ दिख रहा है कि हेलमेट पहने पुलिसवालों का एक दल लाइब्रेरी के अंदर घुसता है और किताब लिए बैठे लोगों पर लाठियां बरसाना शुरू कर देता है. एक छात्र अपनी किताब उठाकर दिखाता है. लेकिन पुलिसवाले तनिक भी रहम नहीं करते और लाठियां भांजना जारी रखते हैं.

ये है वह वीडियो:-

दरअसल बात 15 दिसंबर 2019. दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी. संशोधित नागरिकता कानून(CAA) के ख़िलाफ़ प्रोटेस्ट मार्च आयोजित हुआ था. आस-पास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया. कई गाड़ियों में आग भी लगा दी. पुलिस ने इस प्रोटेस्ट को रोकने के लिए बल प्रयोग किया. पुलिस कैंपस में भी घुसी. लाठियां चलाईं और आंसू गैस के गोले भी दागे. इस पुलिसिया कार्रवाई का खूब विरोध हुआ था. दिल्ली पुलिस का कहना था कि वे प्रोटेस्टर्स को बाहर निकालने के लिए कैंपस के अंदर घुसे थे. पुलिस ने स्टूडेंट्स पर बल प्रयोग से इनकार किया था.

पुलिस का कहना है कि जामिया घटना की जांच की ज़िम्मेदारी क्राइम ब्रांच के पास है और इस नए वीडियो की जांच की जा रही है। इस वीडियो पर मचे बवाल के बीच कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर लिखा,

जामिया के इस वीडियो के सामने आने के बाद से दिल्ली पुलिस पर सवालों की बरसात हो रही है. प्रोटेस्टर्स को बाहर निकालने के पुलिस के पुराने दावे की हवा निकलती दिख रही है।